मॉडल के रूप में गांवों को विकसित किये जायें।: डीएम

Villages should be developed as models: DM

मॉडल के रूप में गांवों को विकसित किये जायें।: डीएम

रूद्रपुर - जिलाधिकारी श्रीमती रंजना राजगुरू व मुख्य महाप्रबन्धक नावार्ड ज्ञानेन्द्रमणि की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में ग्रामीण संरचना विकास निधि (आरआईडीएफ) नावार्ड द्वारा संचालित 61 परियोजनाओ कि विभिन्न विभागों द्वारा जिनमे लोनिवि, सिंचाई, पेयजल निगम, ग्रामीण निर्माण विभाग, शिक्षा, कृषि, उद्यान, पशुपालन विभागों से जुडी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गयी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि त्वरित कार्यवाही करते हुये समुचित योजनाओं को गुणवत्ता, पारदर्शिता व समयवद्धता के साथ पूर्ण किया जाये। उन्होने सम्बन्धित विभागों को निर्देश दिये कि जो योजनाएं निदेशालय द्वारा बनायी जाती है उसे सम्बन्धित विभाग अपने निदेशालय से पता करते हुये  लगातार उन योजनाओं के कार्यो की देख-रेख करना सुनिश्चित करें।

उन्होने ग्रामीण व संरचना निधि की भी समीक्षा करते हुये कार्यो में धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त की उन्होने  कहा कि आगामी डीएलआरसी की बैठक में बैंको को बैंकवार लक्ष्य दिये जायेंगे। उन्होने परियोजना निदेशक हिमांशु जोशी को निर्देश दिये कि मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में टीम गठित कर सम्बन्धित विभागों के साथ मिलकर माॅडल के रूप में गांवो को विकसित किये जाये। जिसकी निरन्तर मुख्य विकास अधिकारी द्वारा माॅनिट्रिंग की जायेगी। उन्होने कहा कि सम्बन्धित विभाग नावार्ड से समन्वय कर इस प्रकार का कलस्टर का निर्माण करें जिस कलस्टर से अधिक उत्पादन व अधिक से अधिक लोगों को उसका लाभ लम्बे समय तक मिल सकें।


           इस अवसर पर, जिला विकास प्रबन्धक नावार्ड राजीव प्रियदर्शी, डीडीओ डा0 महेश कुमार, पीडी हिमांशु जोशी, महाप्रबन्धक उद्योग चंचल बोहरा, मुख्य उद्यान अधिकारी एचसी तिवारी, मुख्य कृषि अधिकारी डा0 अभय सक्सेना, मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी आर्या, जिला लीड बैंक अधिकारी केडी नोटियाल, जूनियर हैड बजाज एसके पाण्डे आदि उपस्थित थे।