आपदा में फंसे लोगों को बचाने का मिशन जारी, अब तक 10 शव बरामद,153 लापता

Mission to rescue people stranded in disaster, 10 bodies recovered, 153 missing

आपदा में फंसे लोगों को बचाने का मिशन जारी, अब तक 10 शव बरामद,153 लापता

तपोवन के पास ग्लेशियर टूटने से आई तबाही (Chamoli disaster glacier burst ) का मंजर भयावह है। रविवार रात को बारिश और ऋषिगंगा में पानी आने से राहत और बचाव कार्य मे दिक्कतें आई,,लेकिन सोमवार सुबह पौ फटते ही रेस्क्यू ऑपरेशन मिशन मोड पर चलने लगा।

ताजा अपडेट के मुताबिक अब तक 10 शव बरामद किए गए हैं। जबकि मलबे में फंसे 25 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। अभी भी 153 लोगों का कोई पता नहीं लग पा रहा गया। इनमें से ज्यादातर पावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले मजदूर हैं।

रविवार को एसडीआरएफ ने आर्मी और आईटीबीपी के साथ रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया। लेकिन बारिश के कारण ऋषिगंगा में पानी का स्तर बढ़ा तो ऑपरेशन सुबह तक रोकना पड़ा। बचाव एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती एक टनल में फंसे करीब 35 लोगों को बचाना है। एसडीआरएफ ने सुबह होते ही यहां बचाव का मिशन शुरू कर दिया। आर्मी, ITBP की टीम भी यहां बचाव कार्य मे लगी है। अच्छी बात ये है कि जिंदगी बचाने के लिए सभी बचाव एजेंसियों जे बीच कमाल का कॉर्डिनेशन दिख रहा है।

उधर एसडीआरएफ को बेला गांव में भी एक शव आज सुबह मिला है, जिसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है।
एसडीआरएफ के कमांडेंट नवनीत भुल्लर खुद ग्राउंड जीरो पर टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। सेना के 100 से ज्यादा जवान तैनात हैं, करीब 250 जवान स्टैंडबाय पर हैं। आईटीबीपी के भी 250 जवान मौके पर हैं। उत्तरक़ाशी बटालियन को भी तैयार रखा गया है।

बेला, रैणि और अन्य दर्जनभर गांवों जो मुख्य सड़क से बिल्कुक कट गए हैं,वहां राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।वायुसेना के हेलीकॉप्टर वहां राहत सामग्री गिरायेंगे। इसके लिए एयरफोर्स के Mi-17 और ALH हेलीकॉप्टर देहरादून से जोशीमठ के लिए उड़ान भर चुके हैं। एयरफोर्स की एक टीम को राहत सामग्री के साथ देहरादून में तैयार रखा गया है।