कुंभ पर कोरोना का असर: दो अखाड़ों ने कुंभ समाप्ति की घोषणा की

Corona's impact on Kumbh: Two Akharas announce the end of Kumbh

कुंभ पर कोरोना का असर: दो अखाड़ों ने कुंभ समाप्ति की घोषणा की

हरिद्वार: कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए अब अखाड़ों में भी खलबली मची हुई है। पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी और आनंद अखाड़ों ने 17 अप्रैल को हरिद्वार महाकुंभ (Haridwar Mahakumbh)) समाप्ति की घोषणा की है। हरिद्वार कुंभ क्षेत्र में मेले के दौरान 49 साधुओं समेत 2483 लोगों के कोरोना संक्रमित मिलने से अन्य अखाड़े भी कुंभ को लेकर बड़ा फैसला ले सकते हैं ।  

इस दिशा में सबसे पहले पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी ने 17 अप्रैल को कुंभ मेला समापन की घोषणा कर दी है। अखाड़े के कुंभ मेला प्रभारी एवं सचिव महंत रविंद्रपुरी ने कहा कि कोरोना का प्रसार तेज हो गया है। साधु संत और श्रद्धालु इसकी चपेट में आने लगे हैं। निरंजनी अखाड़े के साधु संतों की छावनियां 17 अप्रैल को खाली कर दी जाएंगी। वहीं आनंद अखाड़े ने भी 17 अप्रैल को कुंभ के समापन की घोषणा कर दी है। बाकी अखाड़ों को भी एहतियातन कदम उठाते हुए कोविड से बचाव के प्रति ध्यान देना चाहिए।

49 संत, 2483 श्रद्धालु कोरोना संक्रमित

गुरुवार को श्रीपंचदशनाम जूना, पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी और श्री पंचदशनाम आह्वान अखाड़े के नौ संतों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके साथ ही अखाड़ों में संक्रमित संतों का आंकड़ा 49 पहुंच गया है। वहीं, हरिद्वार जिले में कुल 629 लोगों संक्रमित मिले हैं, जिनमें 153 श्रद्धालु शामिल हैं। ये श्रद्धालु राज्यसीमा और मेला क्षेत्र में कोविड जांच के दौरान संक्रमित पाए गए। हरिद्वार जिले में कुंभ के दौरान करीब  2483 संक्रमित मिले। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी समेत करीब 12 संत संक्रमित आ चुके हैं। कई श्रद्धालु भी संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। अन्य अखाड़ों के संत भी संक्रमण की जद में हैं। 

निरंजनी अखाड़े का कहना है कि 27 अप्रैल को होने वाले शाही स्नान में वे केवल सांकेतिक तौर पर प्रतिभाग करेंगे। अखाड़े के 40 से 50 संत अलग-अलग पैदल चले जाएंगे। इसका फैसला भी उस समय के हालात देखकर लिया जाएगा।  महंत रविंद्रपुरी ने कहा कि बाकी अखाड़ों को भी ऐसे वक्त में कोविड से बचाव को देखते हुए सकारात्मक निर्णय लेने की जरूरत है। कोविड से बचाव पहली प्राथमिकता है।

निर्वाणी अखाड़े के संत की कोरोना से मौत

अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर कपिल देवदास (65) की  देहरादून के निजी अस्पताल में मौत हुई है। महामंडलेश्वर कोविड जांच में संक्रमित पाए गए थे। उनको सांस में तकलीफ और बुखार की शिकायत थी। महामंडलेश्वर कपिल देव दास की मौत से बैरागी संत समाज सहित पूरी कुंभनगरी में सकते में है। 12 अप्रैल को महामंडलेश्वर का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ गया था। उनको सांस लेने में परेशानी और बुखार की शिकायत थी। आननफानन महामंडलेश्वर के अनुयायियों ने उनको देहरादून स्थित कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया, जहा गुरुवार को उन्होंने दम तोड़ दिया।

गुरुवार को 2220 कोरोना केस

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़े। गुरुवार को  प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 2220 नए मामले आए। प्रदेश में बीते साल 15 मार्च को कोरोना की दस्तक हुई थी। तब से अब तक एक दिन (24 घंटे) में मिले मरीजों की यह सर्वाधिक संख्या है। इससे पहले पिछले साल 19 सितंबर को 24 घंटे में 2078 लोग संक्रमित मिले थे। गुरुवार को कोरोना से 9 मरीजों की मौत भी हुई।